हरिद्वार नगर निगम की ज़मीन बनी अधिकारियों के गले की फांस, कई आएंगे लपेटे में, जानिए कैसे रूड़की का लेखपाल भी हुआ खेल में शामिल…
हरिद्वार…नगर निगम के भूमि खरीद घोटाले में नित नयी बातें सामने आ रही है। बताते है कि एक साहब खुद इसकी जांच लेना चाहते थे… लेकिन सीएम ने जांच आईएएस रणवीर सिंह चौहान को दी…वहीं देहरादून में पोस्टिंग दो अधिकारी भी इस मामले में हरिद्वार में तैनात अपने समकक्ष अधिकारी को फंसाने के लिये पुरजोर कोशिश में लगे है..भूमि खरीद घोटाले की जांच आईएएस रणवीर सिंह चौहान कर रहे है.. पिछले दिनों उन्होंने हरिद्वार आकर इस घोटाले से जुड़े अधिकारियों के बयान भी लिये थे। अभी जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह..नगर आयुक्त रहे वरुण चौधरी ओर उप जिलाधिकारी सदर रहे अजय वीर के बयान होने बाकी हैं ..सूत्रों की माने तो शुरुआती जांच में स्पष्ट हो गया है कि घोटाला हुआ है…जिसमें जिलाधिकारी ..नगर आयुक्त ओर उप जिलाधिकारी सदर की बड़ी भूमिका है…मजेदार बात ये है कि ओ.सी के पास भूमि खरीद की ये फाइल गई ही नहीं…जब जिला अधिकारी धीरज गब्रियाल थे..उनके स्पष्ट निर्देश थे कि जो फाइल उनके पास आयेगी… ओ.सी उसको चेक करेगे..फिर उनके (DM) के पास आये..लेकिन नए जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह ने आते ही निर्देश जारी कर दिये कि फाइल अब ओ.सी के पास नहीं जायेगी…लिहाजा भूमि खरीद की ये फाइल सीधे डीएम साहब के पास गयी ओर उस पर खरीद की चिड़िया बिठा दी गई… डीएम साहब पर आईएएस वरुण चौधरी का ऐसा प्रभाव रहा कि उन्होंने फाइल को चेक भी नहीं किया..हरिद्वार एसडीएम रहे अजयवीर इस मामले के अलावा भी कई जमीन संबंधित मामलों में घिरते दिख रहे हैं..एक मामला सलेमपुर ग्राम समाज की जमीन का है..जिस पर भूमाफिया कॉलोनी काट रहे थे..उस समय डीएम धीरज ने 2 पत्र एसडीएम अजय वीर को लिखे..जिसमें स्पष्ट कहा गया था कि रवि चौहान. ग्राम समाज की जमीन पर कॉलोनी काट रहा है..आप खुद मौके पर जाये… प्लाटिंग को ध्वस्त करे…लेकिन एसडीएम ने कोई एक्शन नहीं लिया..अब जब नए एसडीएम जितेन्द्र आए तो सलेमपुर में उस प्लाटिंग को तोड़ा गया ओर जमीन ग्राम समाज़ को दी गई…एक चौकाने वाली बात ओर है , नगर निगम की ज़मीन खरीद का जो पैसा बेचने वालों को गया है…उसमे से कुछ पैसा उन लोगों के बच्चों के एकाउंट में गया है..जो सलेमपुर में ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा कर प्लाटिंग कर रहे थे..जिस जमीन को निगम के अधिकारियों ने गठजोड़ कर खरीदा वे रूड़की तहसील के एक लेखपाल के चाचा की है…ये लेखपाल तमाम अधिकारियों का चहेता है..HRDA ने भी इसको अपना लेखपाल बना रखा है..इस लेखपाल की जमीन भी…उस जमीन से लगी है..जिसको निगम ने खरीदा….मजेदार बात ये है कि देहरादून में पोस्टिंग दो अधिकारी घोटाले की जांच को मोड़ने की कोशिश में लगे है..इसके लिए कुछ कलमकारो का भी इस्तेमाल किया जा रहा..
सीआईडी के दया की तरह ओर विग लगाये ये अधिकारी जहां भी जाते हैं..निगम जमीन घोटाले को लेकर फला फला की भूमिका पर लंबी बात करते है…जब की इन दोनों अधिकारियों में से एक पर पहले से कई जांच चल रही है..दूसरे की शुरु होने वाली है..कुल मिलाकर इस भूमि खरीद घोटाले की शुरूआती जांच में साफ़ हो गया है कि घोटाला हुआ है। अधिकारियों ने नियमों का पालन नहीं किया ..
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश है कि इस घोटाले की जांच जल्द पूरी हो..ओर जो दोषी हो उसके खिलाफ़ सख्त कार्रवाही की जाये..
