मंशा देवी रोपवे संचालन में अनुभवहीन कम्पनियों की एंट्री, हरिद्वार नगर निगम सवालों के घेरे में…
हरिद्वार नगर निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को ताक पर रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी.. जिसका प्रबल उदाहरण 17.03.2025 को प्रकाशित मनसा देवी यात्री रोपवे प्रणाली के संचालन और रखरखाव के लिए आवेदको को सूचीबद्ध करने के लिए “रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई)” में आमंत्रित की गयी कम्पनियों में देखने को मिल रहा है.. रोपवे संचालन के क्षेत्र में शून्य अनुभव रखने वाली कम्पनियों को जगह देकर हरिद्वार नगर निगम के अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठने लगे है..ओर तमाम तरह की चर्चायें भी हो रही है..
ईओआई में..नगर निगम ने सड़क और राजमार्ग क्षेत्र में अनुभव रखने वाली कंपनियों को भी मनसादेवी रोपवे के संचालन के लिए बोली लगाने की अनुमति दी है..जो कई चर्चाओं को जन्म दे रही है…
ईओआई में चार कंपनियों को चुना गया उनमें गवर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, हिसार.हरियाणा. मुंडन कंस्ट्रक्शन कंपनी. जोधपुर. राजस्थान. जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड. अहमदाबाद..रोड गुरु डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली समेत इन सभी कम्पनियों का रोपवे संचालन में अनुभव शून्य है..आज तक इन कंपनियों ने कोई रोप ना बनाया ना ही चलाया..मंशा देवी दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं का हर साल आगमन होता है ऐसे में अनुभव हीन कम्पनियों के सहारे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ताक पर रखकर हरिद्वार नगर निगम के अधिकारी किस प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ को सुनिश्चित करना चाहते है…ये एक बड़ा सवाल है..
रोपवे एक बहुत ही विशिष्ट तकनीकी क्षेत्र है जिसके लिए बहुत उच्च तकनीकी विशेषज्ञता और कुशल और अनुभवी जनशक्ति की आवश्यकता होती है।
हाल के दिनों में देश के कई शहरों में रोपवे पर कई दुर्घटनाएं हुई हैं.. इसी कड़ी में हाल ही में झारखंड के तिरकुट रोपवे पर भी दुर्घटना हुई थी.. जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी..
18 मार्च 2025 को बरसाना में भी रोपवे पर दुर्घटना हुई थी.. गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई. लेकिन कई तीर्थयात्री घायल हो गए थे. तब से ये दोनों रोपवे बंद हैं।
जहां प्रदेश की धामी सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखकर विभिन्न कार्ययोजनाओं को साकार रूप प्रदान कर रही है.. वहीं हरिद्वार नगर निगम की कार्यप्रणाली ने बड़े सवालों को जन्म देकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने की तैयारियों को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है…
अगर अधिकारी अब भी नहीं चेती ओर अनुभवी कंपनियों को इसमें शामिल नहीं किया तो..आने वाले समय में मंशा देवी रोपवे में कोई भी घटना तीर्थ नगरी हरिद्वार और धामी सरकार की साख को नुकसान पहुँचा सकती है..

