राजनीतिक उलझन को सुलझाने में हरक सिंह आते रहेंगे ईडी के निशाने में…
पार्टी का दर क्या छोड़ा, ईडी ने दरबदर कर दिया, राजनीतिक नैय्या को मझदार में देख पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने तत्काल प्रभाव से पार्टी बदलकर कर धर्मनिरपेक्षता का रास्ता अपनाते हुए कांग्रेस का दामन थाम लिया, थामा दामन कांग्रेस का और ईडी के पल्लू ने कई मामलों में पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर जांच शुरू कर दी… आलम ये है जैसे ही कही राज्य में चुनावी बिगुल बजता है ईडी अपना काफिला लेकर हरक सिंह रावत को समन कर देती है…
हाल ही में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के कई साल पुराने सहसपुर भूमि खरीद के मामले को एक बार फिर एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने जांच के दायरे में ला दिया है. ED ने इस मामले पर हरक सिंह से पूछताछ की है. उधर हरक सिंह इस कार्रवाई को राजनीतिक नुकसान पहुंचाने के इरादे से की गई कार्रवाई बता रहे हैं.
सहसपुर भूमि खरीद के मामले में हरक सिंह रावत एक बार फिर जांच के दायरे में है. इस बार एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने जमीन खरीद से जुड़े मुद्दे पर हरक सिंह से पूछताछ की है. हालांकि पहले ही इससे जुड़े कुछ दस्तावेज हरक सिंह ने ED के सामने रखे थे, लेकिन कुछ बिंदुओं पर ED हरक सिंह से पूछताछ करना चाहती थी. जिसको लेकर हरक सिंह को समन भेजा गया था.
हरक सिंह रावत से करीब 4 घंटे तक लगातार पूछताछ की. जिसमें जमीन खरीद के लिए जुटाए गए पैसों के अलावा इसकी प्रक्रिया के बारे में भी पूछा गया. इस दौरान पूर्व में हरक सिंह रावत द्वारा दिए गए बयानों को लेकर उनसे दस्तावेज भी मांगे गए.पूछताछ के बाद हरक सिंह रावत ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग किया जा रहा है. राजनीतिक प्रतिद्वंदीता के लिए इस तरह के हथकंडे अपना कर केवल उन्हें परेशान करने की कोशिश हो रही है.
हरक सिंह रावत को ED ने काफी पहले ही समन भेज दिया गया था, लेकिन अपनी राजनीतिक व्यस्तता के कारण वह केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों के सामने पेश नहीं हो पाए थे. वैसे कॉर्बेट टाइगर रिजर्व मामले में उनसे पहले ही पूछताछ की जा चुकी है. उनसे इस संदर्भ में तमाम दस्तावेज भी लिए गए हैं.

