धर्म जागृति का केंद्र बनी सनातन हिंदू पदयात्रा में शामिल हुए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज, पंडित धीरेंद्र शास्त्री को किया सम्मानित…
मथुरा: बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा निकाली जा रही सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में आज अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज हरिद्वार से संतो सहित वृंदावन में शामिल हुए। इस दौरान महंत रविंद्र पुरी महाराज द्वारा बागेश्वर पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया और अपने हाथों से उन्हें जल पिलाया..


पदयात्रा के दौरान अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि आज हम सब यहाँ एक ऐसे पावन अवसर पर एकत्र हुए हैं, जहाँ भक्ति, सेवा और संकल्प—तीनों का अद्भुत संगम दिखाई देता है। यह अवसर है पूजनीय धीरेन्द्र शास्त्री जी की पदयात्रा का, जो केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, अपितु समाज को जागृत करने वाला एक आध्यात्मिक अभियान है धीरेन्द्र शास्त्री जी की यह पदयात्रा हमें यह संदेश देती है कि—धर्म केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि मार्गों पर भी चलता है; साधना केवल आसन पर नहीं, बल्कि कदम ताल सेभी होती है।
अखाड़ा परिषद सदैव ऐसे संतों का सम्मान करता है जो समाज में प्रकाश फैलाने का कार्य करते हैं। धीरेन्द्र शास्त्री जी ने अपने तप, अपने ज्ञान और अपनी विनम्रता से यह सिद्ध किया है कि सच्चा संत वही है, जो समाज के बीच जाकर समाज की पीड़ा को समझे।
उन्होंने कहा की उनकी पदयात्रा का उद्देश्य केवल स्थान-स्थान पर जाना नहीं है—बल्कि हर मनुष्य के हृदय तक पहुँचना, युवा पीढ़ी में संस्कारों का संचार करना और समाज को धर्म, सत्य और सदाचार की राह दिखाना है।आज जब संसार भौतिकता की ओर भाग रहा है, तब ऐसे संतों का आगे आना अत्यंत आवश्यक है।क्योंकि— यदि संत ही आगे बढ़कर समाज की बुराइयों का विरोध नहीं करेंगे,
तो फिर कौन करेगा? पदयात्रा हमें अनुशासन सिखाती है, धैर्य सिखाती है, और यह बताती है कि छोटे-छोटे कदम भी बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। धीरेन्द्र शास्त्री के हर कदम में लोककल्याण की भावना निहित है। महंत रविन्द्र पुरी ने कहा कि अखाड़ा परिषद की ओर से हम पंडित धीरेंद्र शास्त्री को साधुवाद देते हैं, उनके इस पवित्र अभियान को आशीर्वाद देते हैं, और प्रार्थना करते हैं कि—भगवान उन्हें शक्ति दें, स्वास्थ्य दें, और समाज सेवा का यह दिव्य कार्य
यूँ ही निरंतर आगे बढ़ता रहे।








