उत्तराखंड के खनन राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, खनन निदेशक राजपाल लेघा कर रहे लगातार मोनिटरिंग….
किसी भी विभाग का आर्थिक भाग अगर मजबूत है तो वह विभाग राज्य की प्रगति में नया अध्याय शामिल करा सकता है और जब अधिकारियों की पैनी नज़र व्यवस्था को तराश कर पारदर्शी रूप से राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य पूरा करती हुई बढ़ती है तो राज्य की जनता के समक्ष कुछ इस तरह प्रस्तुत होती है जैसे उत्तराखंड का खनन विभाग….
सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार, कुशल वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है खनन निदेशक राजपाल लेघा के कार्यकाल में खनन विभाग राजस्व प्राप्ति के नए रिकॉर्ड बना रहा है सीएम धामी के निर्देश पर वित्त और खनन विभाग ने राजस्व बढ़ोत्तरी के लिए, रणनीति में बदलाव करते हुए, निगरानी का काम वाह्य सहायतित एजेन्सियों को दिया, जबकि पूर्व में खनन कार्यों की मॉनिटरिंग खनन विभाग द्वारा ही की जाती थी। जिसके सकारात्मक परिणाम आए हैं।
विभाग की लगातार मोनिटरिंग के साथ निदेशक राजपाल लेघा ने कई नीतिगत बदलावों पर जोर दिया जिसके परिणामस्वरूप आज उत्तराखंड में खनन राजस्व लगातार बढ़ोतरी की ओर अग्रसर है भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी व्यवस्था को खनन जैसे महत्वपूर्ण विभाग में स्थापित करने का श्रेय खनन निदेशक राजपाल लेघा को दिया जा रहा है…
इस वित्तीय वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में ही खनन से 686 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति हो चुकी है, जो गत वित्तीय वर्ष के कुल राजस्व 646 करोड़ रुपए से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में खनन से कुल 397 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। जो वित्तीय वर्ष 2023-24 में बढ़कर 646 करोड़ जा पहुंचा। वित्तीय वर्ष 2023-24 में गत वित्तीय वर्ष के सापेक्ष लगभग 36.86 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
अब वित्तीय वर्ष 2024-25 में 29 दिसम्बर तक ही खनन से कुल 686 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति हो चुकी है। जबकि इस वित्तीय वर्ष में अभी तीन माह शेष हैं, अब तक के आंकड़ों से इस वित्तीय वर्ष के अन्त तक खनन से 1000 करोड़ रुपए से अधिक की राजस्व प्राप्ति होने की उम्मीद है। जो कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के सापेक्ष करीब 50 प्रतिशत अधिक होगी।
स्वयं के कर से भी बढ़ रहा उत्तराखंड का राजस्व
राज्य के स्वंय के कर राजस्व में भी वर्ष दर वर्ष बढ़ोत्तरी हो रही है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य को स्वंय के कर से 11513 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में बढ़कर 19245 करोड़ हो गया। इस वित्तीय वर्ष में स्वयं के कर से कुल राजस्व करीब 22500 करोड़ रुपए होने की उम्मीद है।

