मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “हरित विकास मॉडल” के प्रति एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की प्रतिबद्धता, पौधरोपण कार्यो का निरीक्षण…
देहरादून: सरकार की कार्यशैली, अधिकारियों की संवदेनशीलता का परिचय स्वयं उनके कार्यों में दिखाई पड़ता है जब अनेकों राज्यों में वृक्षारोपण अभियान भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर निष्क्रिय हो गए हो तब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “हरित विकास मॉडल” को सफल बनाने के लिए देहरादून एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ख़ुद धरातल पर चल रहे पौधरोपण की व्यवस्था का जायज़ा लेने पहुँचे… पर्यावरण संरक्षण के प्रति धामी सरकार की संकल्पबद्धता में प्रशासनिक अधिकारियों का यह समर्पण भाव प्रदेशभर में पौधरोपण और प्राकृतिक उन्नयन का नया अध्याय लिख सकता है…. सोमवार सुबह कार्यालय जाते समय उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की नजर सड़क डिवाइडरों पर चल रहे पौधरोपण कार्यों पर पड़ी। उन्होंने तत्काल वाहन रुकवाया और मौके पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पौधरोपण की प्रगति, पौधों की गुणवत्ता और उनके रखरखाव की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने देखा कि उद्यान अनुभाग के कर्मचारी न केवल नए पौधे लगा रहे हैं, बल्कि पहले से लगाए गए पौधों की निराई-गुड़ाई, सफाई और संरक्षण का कार्य भी पूरी निष्ठा के साथ कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार विकास परियोजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए एमडीडीए शहर के प्रमुख मार्गों, डिवाइडरों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चला रहा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और दीर्घकालिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यही कारण है कि एमडीडीए की यह पहल अब शहर की पहचान बदलने वाली मुहिम के रूप में उभर रही है।
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्वयं कर्मचारियों के साथ पौधा रोपित किया और कहा कि पौधरोपण केवल एक औपचारिक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का संकल्प है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पौधे की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि किसी भी पौधरोपण अभियान की सफलता तभी मानी जाएगी जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर विकसित हों और भविष्य में घने वृक्ष बनकर पर्यावरण को मजबूत करें।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने मौके पर उद्यान अनुभाग के कर्मचारियों की कार्यशैली की सराहना की और उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि शहर को हरित बनाने की इस मुहिम में कर्मचारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जिस समर्पण और जिम्मेदारी के साथ वे कार्य कर रहे हैं, वह सराहनीय है। उनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से कर्मचारियों में भी नया उत्साह देखने को मिला। कर्मचारियों ने उनके साथ पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हरित उत्तराखंड विजन को साकार करने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने इस वर्ष एक लाख पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत शहर के प्रमुख मार्गों, सड़क डिवाइडरों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और रिक्त भूमि पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जा रहा है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में केवल पौधे लगाने पर ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और नियमित रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य देहरादून में हरित क्षेत्र बढ़ाकर पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देना और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना है।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का मानना है कि सड़क डिवाइडरों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने, तापमान संतुलित रखने और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एमडीडीए द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान आने वाले वर्षों में देहरादून को और अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण पौधरोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। उद्यान अनुभाग को नियमित रखरखाव, सिंचाई और निगरानी के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को सफल बनाने में जनसहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। नागरिक यदि लगाए गए पौधों की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें तो देहरादून को हरित राजधानी बनाने का सपना जल्द साकार हो सकता है।



