एसएसपी माणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में अपरहण के आरोपी पर पुलिस का  शिकंजा…

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अपराधी को अपराध का बोध नहीं लेकिन पुलिस की कार्रवाई का भी कोई तोड़ नहीं, एसएसपी उधमसिंहनगर माणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने देश के कोने- कोने में किडनैपर के खिलाफ ऐसा चक्रव्यूह रचा कि नाबालिग लड़की का अपरहण करने वाला सलाखों के पीछे पहुँच गया…

   लगभग एक महीने पहले लापता हुई एक नाबालिग अपहृता को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में मुख्य अभियुक्त दानिश को भी गिरफ्तार कर लिया गया, पुलिस के लगातार प्रयासों की तकनीकी दक्षता और सूझबूझ से यह जटिल मामला सुलझ पाया, जिसने कई संगठनों के बीच बढ़ते आक्रोश को भी शांत कर दिया..

 मामले की पृष्ठभूमि और एफआईआर दर्ज यह मामला तब सामने आया जब 28 अप्रैल, 2025 को कृपाल सिंह, निवासी बरवाला, थाना केलाखेड़ा (वर्तमान में गणेशपुर, थाना केलाखेड़ा) ने अपनी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री के घर से लापता होने की लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस गंभीर प्रकृति की शिकायत के आधार पर, थाना केलाखेड़ा में एफआईआर नंबर 57/2025, धारा 140 (3) बीएनएस बनाम अज्ञात के तहत तुरंत मामला पंजीकृत किया गया।

एसएसपी के निर्देश पर टीमों का गठन और गहन जांच

 मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने तत्काल खुलासे के निर्देश दिए। उन्होंने चार विशेष टीमों का गठन किया और उनकी सहायता के लिए सर्विलांस, एसओजी (विशेष अभियान समूह) और साइबर टीमों को भी शामिल किया।

 गठित टीमों ने अपनी प्रारंभिक जांच में लगभग 80 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जो अपहृता के संभावित रास्ते में लगे थे। इसके अतिरिक्त, संदिग्धों, अपहृता और उनके परिजनों से संबंधित लगभग 75 मोबाइल नंबरों की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) का गहन विश्लेषण किया गया। संदिग्ध नंबरों से जुड़े व्यक्तियों से पूछताछ भी की गई, जिसने जांच को सही दिशा में आगे बढ़ाया।

 जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि नाबालिग अपहृता को दानिश अली पुत्र सफीक, निवासी रामनगर, थाना केलाखेड़ा भगाकर ले गया था। यह प्रकरण अत्यधिक संवेदनशील हो गया था। अपहृता की शीघ्र बरामदगी न होने पर विभिन्न संगठनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए धरना प्रदर्शन भी किए ।

 तकनीकी पड़ताल और संभावित ठिकानों पर दबिश

 पुलिस ने इस जटिल मामले को सुलझाने के लिए तकनीकी संसाधनों का भरपूर उपयोग किया। अभियुक्त दानिश और अपहृता के स्नैपचैट, फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, मेल आईडी और आधार कार्ड नंबरों की साइबर सेल के माध्यम से गहन जांच की गई। इस तकनीकी पड़ताल से अभियुक्त के छिपने के संभावित ठिकानों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इस जानकारी के आधार पर, पूर्व से गठित पुलिस टीमों ने अभियुक्त के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देना शुरू किया। उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों के अलावा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में भी लगातार छापेमारी की गई।

सकुशल बरामदगी और अभियुक्त की गिरफ्तारी

आखिरकार, पुलिस की दिन रात मेहनत और सूझबूझ रंग लाई। 26 मई, 2025 को पुलिस टीम ने तकनीकी एवं व्यवहारिक पुलिसिंग का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अभियुक्त दानिश को नाबालिग अपहृता के साथ बरामद किया गया। अभियुक्त दानिश (उम्र 21 वर्ष) पुत्र शफीक, निवासी रामनगर, थाना केलाखेड़ा, जिला उधमसिंहनगर को तत्काल धारा 137 (2), 84, 64 (2) बीएनएस व 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद की गई नाबालिग अपहृता की उम्र 14 वर्ष है।

  ऊधमसिंहनगर पुलिस के समर्पण भाव और जन सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के कारण इस सफल ऑपरेशन से न केवल एक नाबालिग लड़की को उसके परिवार से मिलाया गया, बल्कि समाज में सौहार्द बनाए रखने में मदद मिली।

 एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने थानाध्यक्ष केलाखेड़ा और उनकी टीम को उनके कुशल कार्य के लिए 10 हजार रुपए नगद इनाम प्रदान किया। साथ ही साइबर टीम को 5 हज़ार रुपए नगद इनाम प्रदान किया।

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