भक्ति शक्ति का समन्वय जनसाधारण के निम्मित अर्पित करने वाले अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री महंत हरिगिरि महाराज ने महाकुंभ 2027 के लिए विशेष पूजा…
हरिद्वार: महाकुंभ 2027 के ऐतिहासिक आयोजन को दिव्य भव्य बनाने के लिए संत समाज ने भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है इसी क्रम में भक्ति शक्ति के समन्वय को संत समाज से लेकर आम जनमानस के अंतिम पंक्ति तक लेकर जाने के रूप में विख्यात अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पंचदशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक महंत हरि गिरि महाराज ने श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में विशेष पंचामृत अभिषेक एवं पूजा-अर्चना की।
भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शर्करा और शहद से पंचामृत अभिषेक कर उन्होंने देश में सनातन संस्कृति के सबसे बड़े पर्व महाकुंभ के निर्विघ्न, शांतिपूर्ण और दिव्य-भव्य आयोजन की कामना की। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आपको बता दें कि 2027 में हरिद्वार और नासिक में तथा 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है। इसी के दृष्टिगत महंत हरि गिरि महाराज द्वारा देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और तीर्थ स्थलों पर विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं।
इससे पूर्व श्रावण मास में सन्यास परंपरा के अनुसार हरिद्वार में चातुर्मास प्रवास के दौरान हरगिरि महाराज ने कुंभ मेले की सफलता के लिए विशेष अनुष्ठान, रुद्राभिषेक और हवन-पूजन किया था। अपने हरिद्वार प्रवास के दौरान उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा कुंभ मेला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर मेले की व्यवस्थाओं, अखाड़ों के लिए भूमि आवंटन, संतों की सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे।
इसी क्रम में अब महंत हरी गिरी महाराज नासिक और उज्जैन कुंभ को लेकर भी सक्रिय हैं। महाकाल दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद का लक्ष्य है कि आगामी तीनों कुंभ पर्व सनातन परंपरा के अनुरूप दिव्य और भव्य हों और इसमें शासन-प्रशासन तथा अखाड़ों के बीच बेहतर समन्वय हो। इस सिलसिले में वे जल्द ही मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के मेला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप देंगे।






