धामी सरकार को घेरने में विफल विपक्ष, सोशल मीडिया प्रोपगेंडा फेल, सचिव विनय शंकर पांडेय ने बताया ग्राउंड पर निवेश का सच….
उत्तराखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर औद्योगिक प्रगति में जब धामी सरकार की कथनी करनी में विरोधी अंतर ना सर्च कर पाए तक सोशल मीडिया में भ्रामकता का जाल बुनने में जुट गए, ऐसी वीडियो में आलोचना की व्यख्या श्रोताओं को सुनने में अच्छी लग सकती है पर धामी सरकार के विरोधी धरातल की सच्चाई से बिल्कुल अनभिज्ञ है आजकल एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया में लोगों के बीच भ्रम फैला रहा है शायद उन रील निर्माताओं को रियल परिदृश्य पूरी तरह नहीं पता, बीते कई वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का आकार बड़े स्तर पर बढ़ा जिससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों में बढ़ोतरी से लेकर रोजगार सृजन का व्यापक काम हुआ…
कई दिनों से ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 को लेकर सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच सचिव उद्योग एवं सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडे ने सरकार का रुख भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक ₹1.01 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है और इससे संबंधित आंकड़े सार्वजनिक हैं। उन्होंने निवेश की स्थिति पर सवाल उठाने वालों से उपलब्ध आंकड़ों और जमीनी प्रगति के आधार पर तथ्यों की पड़ताल करने की अपील की।
विनय शंकर पांडे ने कहा कि निवेश से जुड़ी परियोजनाओं का विवरण उद्योग विभाग, यूके स्पाइस और सिंगल विंडो सिस्टम के पोर्टल पर उपलब्ध है। इनमें परियोजनाओं के स्थान और संबंधित विभागों की जानकारी भी दर्ज है। उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी के बिना निवेश को लेकर भ्रामक धारणा बनाना उचित नहीं है।
सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय के मुताबिक, दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान करीब ₹3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने समय-समय पर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित कीं।
उन्होंने बताया कि निवेशकों को सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मदद देने के लिए निवेश मित्रों की व्यवस्था की गई। इनके माध्यम से निवेशकों के साथ संपर्क बनाए रखने और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग किया गया।
पांडे ने दावा किया कि अब तक ₹1.01 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार निवेश से जुड़े
