कैंची धाम स्थापना दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब, नैनीताल एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मौके पर संभाला मोर्चा….
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नैनीताल: भक्तवत्सल श्री हनुमान के परम उपासक बाबा नीम करौली महाराज जी के पुण्य प्रताप की पावन धरा, असंख्य भक्तों की आस्था के केंद्र, आध्यात्मिक जगत में विशिष्ट स्थान प्राप्त विश्व कैंची धाम मंदिर के स्थापना दिवस के अवसर पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। भारी भीड़ की आशंका के बीच नैनीताल एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मौके पर मोर्चा संभाले रखा…. सुबह से ही मंदिर परिसर में बाबा के भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र श्रद्धालुओं से भर गया। उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों के अलावा अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, नेपाल और अन्य देशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने विशेष ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी। काठगोदाम रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को शटल सेवा के माध्यम से भवाली तक पहुंचाया गया, जहां से दूसरी शटल सेवा द्वारा उन्हें कैंची धाम भेजा गया। पूरे मार्ग पर पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं की टीमें लगातार मुस्तैद रहीं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चिकित्सा शिविर, सहायता केंद्र, पेयजल व्यवस्था, मोबाइल शौचालय, पार्किंग और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बाबा के जयकारों और भजन-कीर्तन से पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं ने बाबा नीम करोली महाराज के चरणों में माथा टेककर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, खुशहाली और विश्व शांति की कामना की।
व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए एसएसपी मंजूनाथ टीसी और जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल स्वयं कैंची धाम में मौजूद रहे और लगातार अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरे रूट पर पर्याप्त पुलिस बल, ट्रैफिक कर्मी और आपातकालीन टीमें तैनात की गई हैं तथा हर व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।
वहीं जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शटल सेवा, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, सहायता केंद्र और अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन का लाभ मिल सके।
