लोक नृत्यों से पारंपरिक सिंगिंग तक, ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के छात्रों में गूंजी सकारात्मकता की लय, कार्यक्रम बना संस्कृति, परंपरा रचनात्मकता का केंद्र….
देहरादून: कला, संस्कृति एवं नृत्य का प्रभाव बना छात्रों के जीवन में सकारात्मकता का आधार…अपनी विशिष्ट कार्यशैली और अनूठे कार्यक्रमों से छात्रों के जीवन को नई दिशा धारा देने के लिए विश्व प्रसिद्ध ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी फिर एक बार शानदार कार्यक्रम की गवाह बनी….जहां ग्राफिक एरा का स्टूडेंट ग्राफेस्ट-2026 लोकपरंपरा और आधुनिकता के बेमिसाल संगम का उदाहरण बनकर उभरा। जहां विभिन्न देशों और राज्यों की संस्कृतियों, लोककलाओं, संगीत शैलियों और नृत्य परंपराओं ने एक ही मंच पर अपने अनूठे रंग बिखेरे।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी और ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के वार्षिक महोत्सव स्टूडेंट ग्राफेस्ट-2026 में छात्र-छात्राओं ने सोलो सिंगिंग, ग्रुप सिंगिंग, रैप, वाद्य संगीत और विभिन्न नृत्य प्रतियोगिताओं में अपनी कला का प्रदर्शन किया। हर प्रस्तुति में उनकी प्रतिभा और रचनात्मकता की झलक देखने को मिली। कहीं पहाड़ के लोकगीतों की मिठास गूंजी, तो कहीं रैप बैटल के जोशीले मुकाबलों में युवाओं का अनूठा अंदाज देखने को मिला। हारमोनियम की सुरीली धुनों और तबले की थाप से लेकर गिटार की रॉक बीट्स तक, संगीत की पारंपरिक विरासत और आधुनिक शैलियों का शानदार मेल नज़र आया। नृत्य प्रस्तुतियों में पंजाबी भांगड़े की दमदार थाप, नेपाली नृत्य की विशिष्ट शैली और उत्तराखंड के पारंपरिक लोकनृत्यों ने अपनी खास पहचान पेश की।
